संजय भारती
बिहार प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि बिहार में कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, बुढी गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि नदियों में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण लोगों में दहशत है। 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में है लेकिन एनडीए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की अभी तक कोई तैयारी नहीं की है। सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है। उन्होंने कहा दियारा क्षेत्रों के बाढ़ के कहर और कटाव से किसानों की मक्का और हरी सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई है। घरों, सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भर गया है। दियारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे के साथ-साथ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण राशन और जरूरी सामान की कमी होने लगी है। हमारी सरकार से माँग है कि दियारा क्षेत्रों को अविलंब बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए। उन्होंने कहा सरकार की तरफ़ से बाढ़ राहत शिविर, सामुदायिक किचन और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। राहत शिविर नहीं होने से लाइफ जैकेट, दवाएं और सांप-बिच्छू काटने जैसी आपात स्थितियों के लिए प्रशासन संचालित नावें और इमरजेंसी बोट की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए।






















































