नगर निगम सफाई कर्मियों ने राज्यव्यापी तीन सूत्री मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहें।

126

समस्तीपुर: बिहार लोकल बॉडीज इम्पालाईज फैडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ नगर निगम (ऐक्टू) संयुक्त संघर्ष मोर्चा समस्तीपुर ने अपने बैनर तले राज्यव्यापी तीन सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल में सभी सफाई कर्मियों ने अपने अपने हाथों में मांग से संबंधित फेस्टून के साथ मांगपत्र को लेकर जुलूस निकाल कर शहर के विभिन्न मार्ग होते हुए नगर निगम कार्यालय परिसर में पहुँच कर सभी कर्मचारी शामिल होकर महासंघ अध्यक्ष राजकुमार राम की अध्यक्षता में एक संक्षिप्त सभा की सभा को कर्मचारी महासंघ के महामंत्री मो. प्रवेज आलम सम्मानित अध्यक्ष जीवछ पासवान श्रमिक नेता उपेन्द्र राय बिहार राज्य अनुरक्षक संघ जिला अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार कुशवाहा बिनोद मल्लिक बिक्रम कुमार अरुण कुमार पवन राउत राजन कुमार राम सूरज राम भोला राम रोहित कुमार राजा कुमार राम आनंद कुमार इंद्रदेव राम रोहित कुमार मनोज मल्लिक देवंती देवी गुड़िया देवी उषा देवी भारती देवी जगवतीय देवी प्रमिला देवी मीना देवी संगीता देवी रीना देवी निरूपा देवी पूनम देवी सहित काफी संख्या में भाग लिया और संबोधित करते हुए हड़ताल पर डटे रहे राज्यव्यापी तीन सूत्री मांग निम्न प्रकार है :- 1.नियमितीकरण एवं सेवा सुरक्षा वर्षो से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मियों, संविदा कर्मियों एवं अन्य अस्थायी कर्मचारियों की सेवाओं का नियमितीकरण करने तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने यह उल्लेख है कि नगर निगमों एवं अन्य स्थानीय निकायों में कार्यरत दैनिक कर्मियों केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नही है, बल्कि अतिक्रमण उन्मूलन, राजस्व संग्रहण, कार्यालयी कार्यो का निष्पादन जनहितकारी योजनाओं एवं विशेष अभियानों के संचालन सहित सरकार एवं निकाय प्रसाशन द्वारा समय समय पर सौंपे जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यो का सफल क्रियान्वयन में भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वस्तुत: नगर निकायों का दैनिक कार्यप्रणाली एवं नागरिक सेवाओं को संचालन में ये कर्मी रीढ़ की हड्डी को समान कार्य करते हैं।
कई- कई वर्षो से निरंतर एवं नियमित रुप से सेवा प्रदान करने के बावजूद इन कर्मियों को स्थाई सेवा का दर्जा एवं आवश्यक सेवा सुरक्षा प्राप्त नहीं हो सकी है। ऐसी स्थिति न केवल मानवीय दृष्टिकोण सेवा अनुचित है,बल्की श्रमिकों का समाजिक एवं आर्थिक अधिकारों का भी प्रतिकूल है। अत:दीर्घकाल सेवा कार्यरत इन कर्मियों की सेवाओं का नियमितीकरण कर उन्हें सम्मानजनक एवं सुरक्षित रोजगार उपलब्ध करारा जाए।

  1. ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्ति करने, नगर निकायों में प्रचलित ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त कर संबंधित गर्मियों को नगर निकाय कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए ताकि श्रमिकों के आर्थिक शोषण भ्रष्टाचार बिचौलिया प्रथा तथा असुरक्षित रोजगार व्यवस्था पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। जब तक ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त नहीं की जाती, तब तक संबंधित कर्मियों का वेतन नगर निकायों द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाए तथा “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत के अनुरूप उन्हें नियमित कर्मचारियों को समकक्ष वेतन एवं अन्य सेवा लाभ प्रदान करने इसके अतिरिक्त, एवं आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा की जाने वाली अवैध कटौती एवं श्रम कानून के उलंघन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने,
    1. एसीपी / एमएसीपी योजना का पूर्ण क्रियान्वयन एवं बकाया भुगतान करने,
      राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों की भांति नगर निकाय कर्मियों को भी एसीपी /एमएसीपी योजना का लाभ प्रदान करने, अधिकांश कर्मचारी दशकों से पदोन्नति का अवसरों सेवा वंचित है, जिसके कारण उनकी वेतन वृद्धि एवं सेवा प्रगति बाधित हुई है। अत: एसीपी एवं एमएसीपी का लाभ प्रदान करते हुए समस्त बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने सरकार से मांग किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here