अमरदीप नारायण प्रसाद।
समस्तीपुर :आस्था के महापर्व छठ का आज उगते सूर्य को धूमधाम से अर्घ्य देने के साथ समापन शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया है। चार दिनों तक चले इस पर्व के आखिरी दिन आज सुबह से ही समस्तीपुर के अलग अलग हिस्सों में लोगों ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सुबह से ही नदियों, तालाबों और घाटों पर व्रतियों की भीड़ दिखी और श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सुबह से ही उमड़े रहे। समस्तीपुर के अलग अलग जगहों पर नदी के घाटों पर चार दिवसीय छठ पूजा के अंतिम दिन श्रद्धालओं ने सूर्य की पूजा करके व्रत का पारण किया।छठ व्रतधारियों ने सूर्य को अर्घ्य देने के बाद एक-दूसरे को प्रसाद देकर बड़े- बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और घर पहुंचकर 36 घंटे का अपना लंबा व्रत खोला। कहा जाता है कि अगर विधि-विधान के साथ छठ पूजा की जाए तो सूर्य को अर्घ्य देने से सभी मनोकामना पूरी होती है।कोरोना महामारी के मद्देनजर विभिन्न प्रतिबंधों के कारण छठ पूजा करने के कई रंग दिखाई दिए। कई जगहों पर नदी में पूजा पर रोक होने के कारण श्रद्धालुओं ने नदी के किनारे कृत्रिम घाटों पर पूजा की। इसके अलावा वे पार्कों एवं अन्य इलाकों में खाली स्थान पर बने कृत्रिम घाटों पर पूजा करने पहुंचे, वहीं बहुत से श्रद्धालुओं ने अपने घरों की छत, परिसर एवं गली में टप में खड़े होकर पूजा की। वही इस बीच स्थानीय राजद विधाक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने प्रशाशन के खिलाफ नाराज़गी भी ज़ाहिर की,उन्होंने कहा कि किसी भी छठ घाट पर न ही कोई एनडीआरएफ की टीम थी न ही सही तरीके से पुलिस प्रशाशन को तैनात किया गया था,सबसे बड़ी बात तो ये है कि छठ घाटों पर माइकिंग की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि अगर कोई भी बच्चा अपने परिजन से बिछड़ जाता है तो उसे आसानी से मिल सके लेकिन किसी भी तरह का कोई माइकिंग व्यवस्था भी नही दिखा, अगर कोई बड़ी घटना दुर्घटना हो जाती तो इसके जिम्मेदार कौन होते।





















































