- 15 जनवरी को मनेगी मकर संक्रांति
- मकर राशि में संचरण करेंगे शनि, बुध और सूर्य ग्रह
पुनीत झा, मुजफ्फरपुर। इस साल 15 जनवरी, शनिवार को मकर संक्रांति पर ग्रहों का बहुत ही सुखकारी संयोग बन रहा है।
शनि, बुध और सूर्य ग्रह मकर राशि में संचरण करेंगे, यही वजह है कि मकर संक्रांति तिथि बहुत ही शुभफलदायी होगी। उस दिन सुबह 6:31 बजे से शाम सूर्यास्त तक मकर संक्रांति का पुण्य काल रहेगा। मान्यता है कि इस काल में किया गया स्नान और दान कई गुणा फल देता है। पंडित प्रभात मिश्र बताते हैं कि 14 जनवरी, शुक्रवार की रात 8:34 बजे भगवान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगें । इसे ही मकर संक्रांति कहा जाता है। उस दिन सूर्यदेव की पूजा का विधान है। साथ ही गरीब और जरूरतमंदों को दान देना बेहद पुण्यकारी माना जाता है। खिचड़ी का सेवन व दान विशेष फलदायी माना गया है। उस दिन से सभी शुभ कार्यों पर लगा प्रतिबंध भी हट जाता है।
इसलिए मनाते हैं मकर संक्रांति
माना जाता है कि भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं और शनि मकर राशि के स्वामी है। इसलिए इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। पवित्र गंगा नदी का भी इसी दिन धरती पर अवतरण हुआ था, इसलिए भी मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता हैं। महाभारत में पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर ही स्वेच्छा से शरीर का परित्याग किया था। इसका कारण था कि उत्तरायण में देह छोड़ने वाली आत्माएं या तो कुछ काल के लिए देवलोक में चली जाती है या पुनर्जन्म के चक्र से उन आत्माओं को छुटकारा मिल जाता है। जबकि दक्षिणायण में देह छोड़ने पर आत्मा को बहुत काल तक अंधकार का सामना करना पड़ सकता है। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने भी उत्तरायण का महत्व बताते हुए कहा है कि उत्तरायण के छह मास के शुभ काल में जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और पृथ्वी प्रकाशमय रहती है तो इस प्रकाश में शरीर का परित्याग करने से व्यक्ति का पुनर्जन्म नहीं होता। ऐसे लोग सीधे ही ब्रह्म को प्राप्त होते हैं। इसके विपरीत जब सूर्य दक्षिणायण होता है और पृथ्वी अंधकारमय होती है तो इस अंधकार में शरीर त्याग करने पर पुन: जन्म लेना पड़ता है।
संक्रांति और सेहत
पौष मास की सर्दी के कारण हमारा शरीर कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो जाता है, जिसका हमें पता ही नहीं चलता। इस मौसम में त्वचा भी रुखी हो जाती है। इसलिए जब सूर्य उत्तरायण होता है, तब इसकी किरणें हमारे शरीर के लिए औषधि का काम करती हैं। पतंग उड़ाते समय हमारा शरीर सीधे सूर्य की किरणों के संपर्क में आता है। जिससे कई शारीरिक रोग स्वत: ही नष्ट हो जाते हैं।
खिचड़ी का महत्व
मकर संक्रांति खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने के लिए खास होता है। इसी वजह से इसे कई जगहों पर खिचड़ी भी कहा जाता है। मान्यता है कि चावल को चंद्रमा का प्रतीक मानते हैं, काली उड़द की दाल को शनि का और हरी सब्जियां बुध का प्रतीक होती हैं। कहते हैं मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने से कुंडली में ग्रहों की स्थिती मजबूत होती है। इसलिए इस मौके पर चावल, काली दाल, नमक, हल्दी, मटर और सब्जियां डालकर खिचड़ी बनाई जाती है।
अपनी राशि के अनुसार करें दान
मेष राशि : मेष राशि के जातकों को मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद लाल वस्त्र, तांबे के बर्तन और मसूर की दाल का दान करना चाहिए।
वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों को आज के दिन चावल, खिचड़ी, चांदी की वस्तुएं तथा घी का दान करना चाहिए। इससे कई गुणा अधिक पुण्य मिलता है।
मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों को हरे और पीले वस्त्र, हरी सब्जी तथा मूंग का दान करना उत्तम रहता है।
कर्क राशि : कर्क राशि वालों को मकर संक्रांति के दिन सफेद वस्त्र, तंदुल और सफेद ऊन का दान करना श्रेष्ठ होता है।
सिंह राशि : सिंह राशि वाले लोगों को आज के अवसर पर स्नान के बाद गेहूं, गुड़, ताम्र पात्र और लाल कपड़े का दान उचित व्यक्ति को करना चाहिए।
कन्या राशि : मकर संक्रांति के दिन कन्या राशि वालों को गो अर्क, फल, खड़ाऊ और हरी घास का दान करना चाहिए। इससे उनको कई गुणा अधिक पुण्य प्राप्त होता है।
तुला राशि : तुला राशि के जातकों को मकर संक्रांति के दिन सूर्य उपासना के बाद सप्तधान एवं इत्र का दान करना चाहिए।
वृश्चिक राशि : मकर संक्रांति के दिन वृश्चिक राशि वालों को स्नान के बाद सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए। फिर गेहूं, गुड़ और लाल वस्त्र का दान करें।
धनु राशि : आज के दिन धन राशि वालों को शक्कर, हल्दी, चने की दाल और पीले वस्त्र का दान करना चाहिए। यह उत्तम फल देने वाला होता है।
मकर राशि : मकर राशि वाले संक्रांति के दिन काली चीजों का दान करना चाहिए। जैसे काला कंबल और काले तिल का दान करना अच्छा होता है।
कुंभ राशि : मकर संक्रांति के दिन कुंभ राशि वाले गाय का घी, उड़द व काले वस्त्र का दान कर सकते हैं ।
मीन राशि : मीन राशि वालों को इस दिन चने की दाल, धर्म ग्रंथ पीतल का बर्तन, तथा पीले वस्त्र का दान करना चाहिए। यह उनके लिए कल्याणकारी होता है।
[1/7, 7:32 PM] Chandrakanta News Beuro: ,

























































