कुर्बानियों एवं उपलब्धियों से भरा है कम्युनिस्ट पार्टी का गौरवशाली इतिहास : प्रो. कार्यानंद पासवान

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संजय भारती

पटना। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी स्थापना दिवस पर पार्टी की पटना जिला परिषद द्वारा स्थापना समारोह का हुआ आयोजन। इस अवसर पर कम्युनिस्ट पार्टी का गौरवशाली इतिहास और पार्टी व मजदूर वर्ग के समक्ष चुनौतियां विषय पर किया गया संवाद। कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले पार्टी के राज्य कंट्रोल कमिशन के सदस्य व पूर्व प्रतिकुलपति प्रो. कार्यानंद पासवान के द्वारा झंडोतोलन से हुआ। फिर झंडा गीत एवं आंदोलन में शहीद हुए तमाम साथियों को पुष्पांजलि कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद कम्युनिस्ट पार्टी का गौरवशाली इतिहास और पार्टी व मजदूर वर्ग के समक्ष चुनौतियां विषय पर संवाद हुआ। जिसकी अध्यक्षता मजदूर आंदोलन के नेता व एटक बिहार अध्यक्ष कॉमरेड गजनफर नवाब ने किया और कार्यक्रम का संचालन पार्टी के पटना जिला सचिव विश्वजीत कुमार ने किया। संवाद कार्यक्रम का आधार वक्तव्य प्रोफेसर कार्यानंद पासवान ने रखा। जिसमें उन्होंने बताया कि रूसी समाजवादी क्रांति के प्रभाव से बनी कम्युनिस्ट पार्टी को अनंत चुनौतियों से गुजरना पड़ा। जिसका मुकाबला करते हुए एवं मजदूर -किसानों एवं आम लोगों के जीवन का संघर्ष करते हुए, पार्टी ने जन संगठन और जन आंदोलन को बना सामाजिक परिवर्तन में ऐतिहासिक बदलाव किया। जमींदारी प्रथा का खात्मा, बैंकों, खादानों का सरकारीकरण, सामाजिक असमानता के खिलाफ आंदोलन एवं मजदूरों के अधिकार को हासिल करने का काम किया। जिस पर कम्युनिस्ट पार्टी को गर्व है पर आज समाज में सांप्रदायिकता, जातिवाद व बाजारवाद चुनौती के तौर पर मौजूद हैं। माकपा के वरिष्ठ नेता अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी के गौरवशाली इतिहास को हम कम्युनिस्टों को बहुत वास्तविक तौर पर जानना होगा क्योंकि शासक वर्ग कम्युनिस्टों के इतिहास से डरती है इसलिए वह उसे खत्म करने के प्रयास में लगा हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ने आजादी आंदोलन में अति महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया एवं उसके बाद भी देश के निर्माण में पार्टी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उसी का परिणाम था कि 1952 के पहले चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार रवि नारायण रेड्डी को पंडित जवाहरलाल नेहरू से भी ज्यादा वोट मिले थे। कम्युनिस्ट पार्टी के गौरवशाली इतिहास पर कोई सवाल नहीं उठा सकता लेकिन आज सबसे बड़ी चुनौती है कि कैसे देश और मजदूर वर्ग के हित की रक्षा की जाए। क्योंकि विखंडनवादी शासक वर्ग चौतरफा हमला कर रहा है। राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉ. रामलला सिंह ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी के गौरवशाली इतिहास से हम सबको प्रेरणा लेना चाहिए और आज के चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए। उनके अलावा झोपड़ी की नेता का. शांति देवी, दीघा अंचल सचिव प्रमोद कुमार नंदन, जिला परिषद सदस्य मनोज कुमार, शहर के नेता देवरत्न प्रसाद, बांकीपूर अंचल के पूर्व सचिव जितेंद्र कुमार वर्तमान सचिव मंगल पासवान, कुम्हरार अंचल के पूर्व सचिव हरेंद्र पासवान, प्रोफेसर प्रकाश मणि, नौजवान नेता विपिन सिंह, अधिवक्ता रामजीवन सिंह, अरविंद कुमार, महिला नेत्री राधा देवी ने भी अपने विचारों को रखा। कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य विनय बिहारी लाल, अनंत शर्मा, प्रो. अशोक यादव, कुम्हरार अंचल सचिव संजय यादव, सुरेंद्र कुमार मुन्ना, हरदेव ठाकुर, उदयन राय, राजेश कुमार, राजकुमार मेहता, कार्यालय सचिव मदन प्रसाद वर्मा, सुशील कुमार, पुनम देवी, मिना देवी, जमुनी देवी, मनती देवी, अनिल रजक, सुरज राम आदि सैंकड़ों लोग सामिल थे।

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