दलित-गरीबों को सिर्फ चुनाव में याद करते हैं नेता : सुरेंद्र प्रसाद सिंह

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अमरदीप नारायण प्रसाद

कागजी त्रृटि के कारण कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से हो रहे वंचित- ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह

चकमोतीपुर में जन संवाद सह खेग्रामस सदस्यता अभियान के दौरान सुनी लोगों की समस्याएं

ताजपुर/समस्तीपुर: ताजपुर प्रखंड के चक मोतीपुर गांव में रविवार को बिहार प्रदेश खेत मजदूर सभा (खेग्रामस) के सदस्यता अभियान एवं दलित संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह एवं ललन दास ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि दलित-गरीब परिवार अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा गंभीर पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित-गरीबों की याद नेताओं को केवल चुनाव के समय आती है, जबकि वर्षभर वे उपेक्षा के शिकार बने रहते हैं।
दलित संवाद के दौरान ग्रामीणों ने आधार कार्ड नहीं बनने अथवा उसमें सुधार नहीं होने, जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने एवं बने हुए प्रमाण पत्र का ऑनलाइन नहीं होने, 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बावजूद जानकारी के अभाव में वृद्धावस्था, मोसमाती एवं दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन नहीं कर पाने, राशन कार्ड में छूटे नाम दर्ज नहीं होने, दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बनने, पहचान पत्र एवं आधारकार्ड में अलग-अलग नाम, पता रहना, भूमि संबंधी कागजात अद्यतन नहीं होने तथा सरकारी अस्पतालों में समुचित सुविधा नहीं मिलने के कारण निजी चिकित्सकों पर अत्यधिक निर्भर रहने जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
माले नेताओं ने मांग की कि पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर इन समस्याओं का त्वरित समाधान कराया जाए, ताकि गरीब एवं वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में वक्ताओं ने 25 जुलाई को प्रस्तावित ताजपुर प्रखंड-अंचल घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। सदस्यता अभियान के दौरान 1 सौ से अधिक ग्रामीणों ने खेग्रामस की सदस्यता भी ग्रहण की।

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