[चंद्रकांता न्यूज़ समस्तीपुर,
परिजन को 10 लाख रूपये मुआवजा मिले- माले
वर्षों से जेल में बंद बृद्ध-बीमार-लाचार कैदी को रिहा करे सरकार- माले
समस्तीपुर ,
शहर के सटे दुघपुरा स्थित मंडल कारा अस्पताल में इलाजरत 60 वर्षीय एक दलित बंदी की इलाज क्रम में मौत हो गई. मृतक की पहचान विभुतिपुर के सिंघिया बुजुर्ग उत्तर पंचायत के वार्ड-5 निवासी स्व० रामअवतार राम के 60 वर्षीय पुत्र गणेश राम के रुप में बताई गई है. कारा प्रशासन के अनुसार सोमवार को विचाराधीन बंदी गणेश राम (60) की अचानक तबीयत खराब हो गई. मंडल कारा स्थित अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस से सदर अस्पताल लेकर चले जहां स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. हलांकि मौत मंडल काला अस्पताल में हुई या ईलाज के लिए सदर अस्पताल लाते समय रास्ते में, इस पर असमंजस बना हुआ है. लोगों ने बताया कि मृतक के परिजन जेल प्रशासन पर ईलाज में लापरवाही वरतने का आरोप लगाकर लाश लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद अस्पताल परिसर में पुलिस बंदोबस्त बढ़ाया गया और प्रशासनिक सक्रियता देखी जा रही है.
कारधीक्षक ज्ञानिता गौरव के अनुसार एक्साइज अधिनियम के तहत उक्त बंदी को जेल भेजा गया था. सोमवार की शाम अचानक तबीयत खराब हो गई. तत्काल मंडल कारा अस्पताल में उपचार कराया गया. इसके बाद एंबुलंस से सदर अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक के शव का पोस्टमार्टम कर परिजन का इंतजार किया जा रहा है.
घटना की जांच करने भाकपा माले की तीन सदस्यीय टीम अनील चौधरी, मो० सगीर, जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने सदर अस्पताल पहुंचकर पोस्टमार्टम कर्मी, डीएस आदि से जानकारी प्राप्त किया.
तत्पश्चात माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने घटना को दुखद बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग समेत जेल अस्पताल की व्यवस्था सुधारने, मृतक के परिजन को 10 लाख रूपये मुआवजा देने, जेल में बंद तमाम बृद्ध- बीमार- लाचार कैदी को रिहा करने, भोला टाकीज सड़क जाम का निदान ढुंढ़ने की मांग जिला प्रशासन समेत बिहार सरकार से की है.

























































