समस्तीपुर, भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय के छात्र, नौजवान, शिक्षक, अभिभावक, व्यवसाई, बुद्धिजीवी समेत आमजनों से छात्र संगठनों द्वारा 15 दिसंबर को मिथिलांचल बंद के आह्वान को समर्थन देकर सफल बनाने का अपील किया है.
माले नेता ने कहा है कि मिथिला विश्वविद्यालय में मज़दूर-किसानों और आम मध्यवर्ग के बेटे-बेटियां पढ़ते हैं. विश्वविद्यालय में पढ़ाई-लिखाई की जगह लूट- भ्रष्टाचार की खेती होती है. विश्वविद्यालय का यह आलम है कि अगर छात्र बाहर कोचिंग और ट्यूशन न करे तो उनके लिये न्यूनतम डिग्री हासिल करना मुश्किल होगा. अगर छात्रों का सत्र 6 महीने लेट होता है तो उसका एक साल बर्बाद हो जाता है. थर्ड ईयर का रिजल्ट समय से नहीं आने के कारण कई छात्रों का दाखिला राज्य के बाहर के संस्थानों में नहीं हो पाता है. आज गरीबों का पढ़ाकू बेटा भी आसानी से डाक्टर- इंजिनियर नहीं बन सकता.
शिक्षा की बदहाली को समाज का एजेंडा बनाना होगा क्योंकि सरकार के लिये यह कोई एजेंडा नहीं है. भाजपा-जदयू ने मिलकर बिहार की उच्च शिक्षा को यूपी के लुटेरे कुलपति के हवाले कर दिया है जिनके संरक्षक मुख्यमंत्री और राज्यपाल बने हुए हैं. कम कीमत पर छपे छात्रों के उत्तर पुस्तिका पर अधिक कीमत दिखाकर भ्रष्टाचार किया जाता है. पैसे की खातिर बढ़िया भवनों को तोड़कर नया भवन बनवाया जाता है. शिक्षा सुधार के लिए नहीं बल्कि पैसा कमाने के लिए कालेज का दौरा और भवन का उद्धाटन किया जाता है. पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगते या मुकदमा दर्ज होते कुलपति- कुलसचिव इस्तीफा दे देते थे या पदमुक्त कर दिये जाते थे. इस बार को हद हो गया. कुलपति और कुलसचिव पर ही भ्रष्टाचार के आरोप है.
इन्हें हटाकर बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने को लेकर छात्र संगठनों के 15 दिसंबर को मिथिलांचल बन्द का आह्वान किया है.
मिथिलावासियों से भाकपा माले की विनम्र अपील है कि आप बंद का समर्थन करें और शिक्षा सुधार को मुद्दा को एक नये आयाम दें.



















































