प्रशिक्षण से निखरेगी अब हर नारी की तकदीर, खुद मेहनत कर बदलेगी वह अपने हाथों की लकीर।

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हुनर का हाथ, नाबार्ड, औसेफा का साथ: अब बदलेगी हर महिला के भाग्य की बात।

अमरदीप नारायण प्रसाद

समस्तीपुर। जिले के स्वयं सहायता समूह भवन, परतापुर में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रायोजित आजीविका और उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) योजनान्तर्गत अनमोल उपहार सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के आजीविका हेतु 20 दिवसीय जूट के रेशे से हस्तशिल्प : सीखने से लेकर व्यवसाय बनाने तक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मानवाधिकार समिति के माननीय अध्यक्ष सह बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य डॉ. तरुण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि जब आपके हाथों से बने जूट के रेशे द्वारा गुलदस्ता, सुंदर बैग, टोकरिया, मेट एवं सजावटी सामान आदि की बाजार में काफी मांग है। उन्होंने कहा कि एक महिला जब पढ़ती है, तो एक परिवार सुधरता है। लेकिन जब एक महिला हुनरमंद होकर कमाने लगती है, तो पूरा समाज एवं देश आगे बढ़ता है। सिर्फ जूट नहीं यह आपकी तरक्की की डोर है, आज का छोटा सा हुनर कल की बड़ी व्यवसाय का आधार है। अगर आपके हाथ में हुनर है तो आप ऊंचे मुकाम पर पहुंच सकते हैं, जिससे आपकी एक नई पहचान बनेगी। डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्ण ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आप जो 20 दिन प्रशिक्षण करने वाले हैं जिसकी दीप की ज्योति आज प्रज्वलित हुई है, उसकी लौ पुरे जिले, पुरे बिहार ही नहीं, अन्य राज्यों में भी प्रकाश पहुंचेगी। नाबार्ड के राष्ट्रीय स्तर के मेले में आपके जूट से बने उत्पाद अन्य राज्यों में भी विपणन की जाएगी। जीविका के डीपीएम विक्रांत शंकर सिंह ने स्वयं सहायता समूह के दीदी को इस हुनर को अपनाकर स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। एलडीएम कार्यालय के प्रबंधक उदय शंकर मल ने बैंकिंग योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि अच्छे काम करने वालों के लिए बैंक हमेशा आर्थिक सहयोग करने के लिए तैयार है। कार्यक्रम का संचालन औसेफा के सचिव ललित कुमार ने करते हुए कहा कि 90 महिलाओं को संस्था द्वारा तीन बैच में यह प्रशिक्षण दी जायेगी तथा महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद को बाजार तक पहुंच बनाकर सतत विकास में हर संभव मदद करेगी। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के परियोजना निदेशक प्रेरणा कुमारी ने की। मौके पर प्रशिक्षक धर्मेंद्र राम, शिवनाथ महतो, मो.शमीम, वंदना कुमारी, मिंटू कुमारी सहित समूह की सैकड़ो महिलाएं मौजूद थी।

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