भाकपा-माले का दो दिवसीय मिथिला- कोशी जोन स्तरीय प्रशिक्षण शिविर हुआ शुरु

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विगत 3 साल में 26 लाख महिलाओं की नौकरी गई,भाजपा सरकार महिलाओं के हिमायती होने का कर रही है नाटक- बैधनाथ यादव

धार्मिक उन्माद पैदा करने वाली नफरती भाषा ही भाजपा का असली चरित्र- आर० के० सहनी

आशा, जीविका, रसोईया और आंगनबाड़ी कर्मियों को संगठित करेगी भाकपा-माले, अध्ययन शिविर में हुआ तय- उमेश कुमार

उजियारपुर/समस्तीपुर:

भाकपा-माले का दो दिवसीय मिथिला-कोशी जोन स्तरीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को मिथिलांचल के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी राज्य ग्रुप के प्रशिक्षक का० आर० के० सहनी द्वारा पार्टी झंडोत्तोलन के बाद उजियारपुर के विरनामा तुला उच्च विद्यालय स्थित पुस्तकालय में शहीद साथियों को दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुआ।
अध्ययन शिविर में पार्टी के पटना में सम्पन्न 11वां महाधिवेशन में पारित दस्तावेज़ “सामान्य कार्यक्रम” और “पर्यावरण एवं जलवायु संकट” का अध्ययन और गहराई से चर्चा हुई।
अध्ययन शिविर को संबोधित करते हुए माले के राज्य स्थाई समिति सदस्य का० बैधनाथ यादव ने नौजवानों, महिलाओं और स्किम वर्कर्स के बीच पार्टी की विस्तार के लिए पार्टी की सदस्यता भर्ती अभियान चलाने का आह्वान किया और कहा कि जनता का हित ही पार्टी का हित हैं। हमारी राजनीति के केंद्र में जनता होती है और जनता के हित और संघर्षों की सर्वोच्चता को हम बुलंद करते हैं। पार्टी और जनसंगठनों, दोनों में नये सदस्य बनाने की चिंता हमारे रोजमर्रा के व्यवहार या सांगठनिक संस्कृति का हिस्सा हमें बनाना है। महिला 33% आरक्षण लागू करने के पीछे भाजपा की नीयत ठीक नहीं है. महिलाओं के इस संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार को बीजेपी के चुनावी राजनीति में पतीत नहीं होने दिया जाएगा।
अध्ययन शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा-आरएसएस जनता के बीच धार्मिक उन्माद भड़काने के लिए अल्पसंख्यकों के खिलाफ जिस भाषा का इस्तेमाल करती है, रमेश बिधूड़ी ने संसद में उसी का खुली अभिव्यक्ति किया है।भाजपा सांसद के द्वारा संसद के भीतर दिए गए इस घृणा वक्तव्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर भाजपा ने अपनी अल्पसंख्यक विरोधी पूरी असलियत सामने ला दी है। इसी तरह की धार्मिक उन्माद पैदा करने वाली नफरती भाषा ही भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है। इसीलिए भाजपा के दो पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद और डा हर्षवर्धन रमेश बिधूड़ी के वक्तव्य पर खिलखिलाते नजर आए। लोकसभा स्पीकर को तत्काल इसका संज्ञान लेते हुए रमेश बिधूड़ी की संसद सदस्यता रद्द कर मुकदमा दर्ज कराना चाहिए था। विगत 3 साल में भाजपा सरकार कुल 31 लाख नौकरियां खा गई जिसमें 26 लाख महिलाओं की नौकरी गई। भाजपा सरकार महिलाओं के हिमायती होने का नाटक कर रही है। इसी वर्ष से महिला आरक्षण मोदी सरकार को लागू करना चाहिए। घरेलू वित्तीय सम्पत्ति की दर बेतहाशा रूप से लगातार घट रही है। घरेलू कर्ज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। घरेलू बजट की दर 11.5 प्रतिशत से 5.1 प्रतिशत हो चुकी है। 2014 से लगातार घरेलू इनकम घट रही है जिससे जनता बेतहाशा महंगाई से त्रस्त है।
अध्ययन शिविर में भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, बंदना सिंह, नेयाज अहमद, सहरसा के जिला सचिव ललन यादव, समस्तीपुर के जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह, महावीर पोद्दार, ललन कुमार, दिनेश कुमार, मो० जमालुद्दीन, नंदलाल ठाकुर, सत्यनारायण मुखिया, पप्पू पासवान, धर्मेश यादव, रामनारायण पासवान, बैधनाथ यादव विरौल, अवधेश सिंह, संतोष यादव, रामविलास मंडल, मुकेश कुमार, वकील यादव, साधना शर्मा समेत 60 से अधिक माले कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रशिक्षण शिविर जारी है।

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