अमरदीप नारायण प्रसाद
वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सह मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पंकज कुमार सिन्हा ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं नियमसम्मत कार्यप्रणाली पर दिया जोर
सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुशासन के मूल आधार हैं। इन्हीं मूल्यों को कार्य-संस्कृति का अभिन्न अंग बनाने के उद्देश्य से सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर समस्तीपुर मंडल में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में रेलकर्मियों को ईमानदारी, नैतिक आचरण तथा निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुपालन के प्रति जागरूक किया गया।
इस बैठक के मुख्य अतिथि पूर्व मध्य रेल मुख्यालय से आए वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सह मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पंकज कुमार सिन्हा थे। उनके साथ साथ सभी उप मुख्य सतर्कता अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने की।
इस अवसर पर मंडल के शाखा अधिकारी, अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि देशभर में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि ” है, जो व्यक्तिगत एवं संस्थागत स्तर पर ईमानदारी, नैतिकता और पारदर्शिता अपनाने का संदेश देती है।
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सह मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पंकज कुमार सिन्हा ने कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य रेलकर्मियों में सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कार्य एवं सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता से करना चाहिए तथा सभी कार्य निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप संपन्न करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने, निर्णयों का उचित दस्तावेजीकरण करने और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने से अनियमितताओं की आशंका कम होती है। बैठक के दौरान विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से प्रक्रियागत त्रुटियों से बचने, जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा नियमसम्मत कार्यप्रणाली अपनाने के व्यावहारिक पहलुओं को समझाया गया।
मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सत्यनिष्ठा की संस्कृति से किसी भी संगठन की कार्यकुशलता, उत्पादकता और गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि होती है। उन्होंने रेलकर्मियों से अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी का नैतिक आचरण और कर्तव्यनिष्ठा एक विश्वसनीय, प्रभावी एवं जनोन्मुखी रेल व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सतर्कता केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक रेलकर्मी का सामूहिक दायित्व है। नियमों का पालन, पारदर्शी निर्णय और जवाबदेह कार्यप्रणाली अपनाकर ही भ्रष्टाचारमुक्त कार्य-संस्कृति को मजबूत किया जा सकता
है।
इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की गई कि वे अपने दैनिक कार्यों में सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पूर्णतः पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता के प्रति सजग रहें।
सभी रेलकर्मी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा को अपनी कार्यशैली का अभिन्न अंग बनाते हुए भ्रष्टाचारमुक्त, जवाबदेह और जनहितकारी रेल व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय योगदान दें। यही “सत्यनिष्ठा से समृद्धि”की थीम का वास्तविक संदेश है।























































