मिथिला भूमि का आस्था का केन्द्र है जयनगर का शिलानाथ धाम मन्दिर, सरकार इसे पर्यटन स्थल घोषित करें

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– गोविन्द शर्मा

मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर दक्षिणपश्चिम की दिशा में स्थित शिलानाथ महादेव मन्दिर सैकड़ों वर्षो से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र बना हुआ है। लेकिन इस मंदिर ट्रस्ट पर हमारे क्षेत्रीय विधायक और सांसद तथा सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहूंगा कि, इस क्षेत्र लोगों के आस्था के केन्द्र बन चुके शीलानाथ शिवालय मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित किया जाए, ऐसा पूर्व से ही इस क्षेत्र की जनता के द्वारा मांग की जा रही है, हमारे मधुबनी जिले के जयनगर में एक मात्र एक शिवालयदेवालय मंदिर अवस्थित है, जिसे पर्यटन स्थल घोषित किया जाए और पर्यटन क्षेत्र के मानचित्र पर सरकार इसका नाम जोड़े।

बताते चलें कि, हमारे मिथिलांचल क्षेत्र के कावरियों व बोलबंम श्रद्धालुओ के द्वारा कमला से जल भरकर, दूरदराज से भ्रमण करते हुए कावरियों का जनसैलाब शिलानाथ महादेव मंदिर परिसर में सैकड़ों की तादाद में लोग दर्शन करने के साथ- साथ जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। सैकड़ों वर्ष से स्थापित शिलानाथ महादेव मन्दिर का विशेष पौराणिक महत्व है, धार्मिक ग्रंथों के अनुसार प्राचीन काल से चर्चित रहा शिलानाथ महादेव मंदिर का वर्णन, इस प्रकार से है की कहा जाता है कि बनारस में काशी विश्वनाथ की स्थापना काल से ही शिलानाथ महादेव मंदिर की स्थापना की गई थी, ताकि मिथिलांचल के लोगों को काशी विश्वनाथ के दर्शन का पुण्य शिलानाथ महादेव के मन्दिर से प्राप्त हो सके, बताते चलें कि, प्राचीन काल से ही कमला नदी भी इसी मंदिर के बगल से होकर गुजरा करती थी, सैकड़ों वर्ष से स्थापित शिलानाथ महादेव मंदिर का अपना पौराणिक महत्व रहा है। आज भी लगातार इस शिलानाथ मन्दिर में दर्शन करने के लिए जिलेभर से नही बल्कि पूरे भारत देश और हमारे पड़ोसी देश नेपाल से श्रद्धालु भक्त आते रहते हैं और यहां पर सावन के महीने में जोर सौर से मेला लगाकर इस शिवालय का नाम जिलेभर में रौशन किया जाता है। इस मंदिर शिवालय में आने के लिए जयनगर रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैण्ड से ऑटो अथवा अन्य सन_साधनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है और यह एनएच 105 जो जयनगर से दरभंगा की और जाने में क्रम में महज जयनगर से तीन किलोमीटर की दूरी पर डीबी कॉलेज के पीछे शिलानाथ धाम महादेव मंदिर से प्रसिद्ध है।

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