समस्तीपुर : रामेश्वर जूट मिल मुक्तापुर तीन स्विफ्ट में 9 बार हुडर बजती है हुडर बजाने के बावजूद भी शुक्रवार को मजदूर काम पर नहीं लौटे इके दुके 5, 6 व गेट नंबर 3 मजदूरों के प्रवेश द्वार पर चार पांच मजदूर सवेरे आए अपने-अपने घर चले गए। हूडर बजाने पर मजदूरों का मिल के अंदर कार्य करने का बुलावा होता है। शुक्रवार की सवेरे 5:00 बजे 5:30 5:45 6:00 चार बार हुडर मिल प्रबंधन के द्वारा बजाई जाती है। पुनः 10:30, 11:00 1 30 व 2 बजे में भोंपू बजती है, शाम में 4:30 ,5 व 10:00 बजे रात में बजाई जाती है उक्त आशय की जानकारी मिल के अध्यक्ष अनिल कुमार राय ने देते हुए बताया कि तीन स्विफ्ट को लेकर दिन रात में नौ बार हुडर बजवाई जाती है। इससे कार्यरत मजदूरों का समय सारणी मालूम होता है कि अब हमें कार्य पर जाना है दूसरे जो कार्य करते रहते हैं उन्हें कार्य छोड़ना है। शुक्रवार को समय पर भोंपू बजाने के बावजूद भी इके दुके सवेरे गेट नंबर 1 पर गेट नंबर 3 पर मजदूर आए। गेट के बाहर से ही अपने-अपने घर चले गए। मजदूरों की हड़ताल को लेकर मिल के भीतर उत्पादन ठप है। इससे मिल को काफी आर्थिक क्षति हो रही है विद्युत पानी सब चल रहा है भीतर कार्य करने वाले कार्यालय कर्मियों की उपस्थिति जारी है। इसी को लेकर मिल को आर्थिक छती हो रही है। विद्युत पानी के विपत्र का भुगतान करना ही होगा। तीन स्विफ्ट में मिल चलती थी लगभग 1300 से लेकर 1400 मजदूरों को प्रतिदिन कार्य मिलता था। उनके परिवार का भरण पोषण बच्चों की शिक्षा दीक्षा होती थी। प्रतिदिन 24 से 25 टन बोड़े का उत्पादन होता था, मजदूरों के हड़ताल को लेकर बंद हो गया। हड़ताल करने से मजदूरों को घाटा हो रहा है। थाना अध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी विकास केशव ने बताया कि मिल की सुरक्षा को लेकर पुलिस कई बार गस्ती गाड़ी मिल क्षेत्र में पहुंचती है। जिससे कोई अप्रिय घटना ना हो। पुलिस की नजर मिल पर है। संघर्ष समिति के नेता पूर्व मुखिया रामबली महतो का कहना है कि जब तक 6 मजदूरों के गेट पास नहीं मिल जाते तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मजदूर डटे रहेंगे। संघर्ष समिति की ओर से लिखित आवेदन देकर प्रशासनिक पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है।






















































