समस्तीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए माननीय परिवहन मंत्री-सह-प्रभारी मंत्री, बिहार श्री दामोदर राउत एवं जिलाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
इसी क्रम में माननीय मंत्री जी एवं जिलाधिकारी महोदय द्वारा पत्थर घाट, रसलपुर (मोहनपुर), जमुनापुर सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर, आवागमन की स्थिति, नावों के परिचालन, राहत एवं बचाव कार्य, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पशुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
माननीय मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली गई तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मोहिउद्दीननगर के माननीय विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
2.33 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित
जिले में बाढ़ से अब तक लगभग 2,33,212 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक एवं राहत टीमों को सक्रिय रखते हुए स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है।
94 सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित एवं विस्थापित लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 94 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक कुल 98,996 लोग भोजन ग्रहण कर चुके हैं। प्रशासन द्वारा सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं नियमित संचालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
32,515 पॉलिथीन शीट्स का वितरण
बाढ़ प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 32,515 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
22 मेडिकल कैंप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए अब तक 22 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इन कैंपों के माध्यम से प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाओं का वितरण एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं।
पशुओं के लिए 17 कैंप एवं चिकित्सा सुविधा
बाढ़ से प्रभावित पशुधन की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए 17 पशु राहत/शेड कैंप बनाए गए हैं। पशुओं के लिए चारा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
पशु चिकित्सा के लिए भी 17 कैंप संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक लगभग 300 पशुओं को आवश्यक दवाएं एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
810 क्विंटल पशु चारा का वितरण
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अब तक लगभग 810 क्विंटल भूसा/पशु चारा वितरित किया जा चुका है तथा आवश्यकता के अनुसार प्रतिदिन पशु चारे का वितरण जारी है।
227 नावों का परिचालन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत-बचाव कार्यों के लिए 227 नावों का परिचालन जिले के तीनों प्रभावित प्रखंडों में किया जा रहा है। नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ राहत सामग्री पहुंचाने एवं आवश्यकता पड़ने पर बचाव कार्य भी किया जा रहा है।
सतत निगरानी एवं त्वरित राहत पर विशेष जोर
माननीय प्रभारी मंत्री एवं जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर एवं तटबंधों की लगातार निगरानी, नावों की उपलब्धता, सामुदायिक रसोई का नियमित संचालन, मेडिकल कैंप में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा पशुओं के लिए पर्याप्त चारा एवं चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं मानवबल को तैयार रखने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने का निर्देश दिया गया।
जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर राहत, आवश्यक सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा एवं सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था पहुंचाना है।
मुश्किल की इस घड़ी में जिला प्रशासन, समस्तीपुर पूरी तत्परता, संवेदनशीलता एवं समन्वित प्रयासों के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।
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