अमरदीप नारायण प्रसाद
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के थाना चौक, दुर्गा मंदिर गली स्थित स्थानीय सेवाकेंद्र में इसके साकार संस्थापक ब्रह्मा बाबा की 55वीं पुण्यतिथि विश्व शान्ति दिवस के रूप में मनाई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके आशा बहन ने कहा कि वर्तमान समय यह संस्थान 140 देशों में 8500 से भी अधिक सेवाकेंद्रों द्वारा अनेक शान्तिदूत बनाकर जीवन में शान्ति की सच्ची धारणा कराकर विश्व शान्ति का भागीरथ प्रयास कर रहा है। संस्थान द्वारा विश्व शान्ति स्थापना का कार्य कैसे चल रहा है, इस विषय पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि गीता में कहा गया है कि आत्मबोध के बिना शान्ति नहीं हो सकती और शान्ति के बिना सुख नहीं मिल सकता। इतने समय से हम गीता का श्रवण एवं अध्ययन करते आए लेकिन आत्मज्ञान और आत्मानुभूति से दूर ही रहे। स्वयं शान्ति के सागर, शान्ति के दाता निराकार परमपिता परमात्मा शिव ने शान्ति के मसीहा प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के तन में अवतरित होकर शान्ति के आलय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना कर विश्व शान्ति की आधारशिला रखी। जिसके द्वारा लाखों शान्तिदूत भाई-बहन प्रतिदिन स्वयं के जीवन में व विश्व शान्ति के लिए मन-वचन-कर्म से निरन्तर योगदान दे रहे हैं। हम सबका यह सामूहिक भागीरथ प्रयास विश्व में सुख-शान्ति का साम्राज्य स्थापित करने का काम करता है।
अंत में ब्रह्मा बाबा को सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से बृजेश भाई, राजवीर भाई, अनिल भाई सहित दर्जनों भाई-बहन उपस्थित थे।
























































