मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की तृतीय बैठक आयोजित।

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यात्री सुविधाओं एवं जनसमस्याओं पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श

अमरदीप नारायण प्रसाद

समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित “मंथन सभागार” में आज मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की तृतीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने की। बैठक का संचालन वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती अनन्या स्मृति द्वारा किया गया।

बैठक में समस्तीपुर मंडल के डीआरयूसीसी के 27 सदस्यों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त बैठक में मंडल के सभी शाखा अधिकारी भी उपस्थित रहे।

विदित हो कि बैठक का उद्देश्य रेल उपयोगकर्ताओं से प्राप्त सुझावों एवं जनसुविधाओं से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श कर यात्री सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना था।

सर्वप्रथम अपने अध्यक्षीय संबोधन में मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि भारतीय रेल यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि डीआरयूसीसी रेल प्रशासन एवं आम रेल उपभोक्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद मंच है, जिसके माध्यम से यात्रियों की आवश्यकताओं, स्थानीय जनभावनाओं एवं विकास संबंधी सुझावों को सीधे रेल प्रशासन तक पहुंचाया जाता है। इस समिति के माध्यम से प्राप्त सुझाव रेलवे की कार्ययोजनाओं एवं यात्री सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने मंडल के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि समस्तीपुर मंडल वर्ष 1969 में स्थापित हुआ था तथा वर्ष 2002 से पूर्व मध्य रेल का अभिन्न अंग है। वर्तमान में समस्तीपुर मंडल ट्रैक रूट किलोमीटर के आधार पर पूर्व मध्य रेल का सबसे बड़ा मंडल है। मंडल में 787 समपार फाटक हैं, जो भारतीय रेल के किसी भी मंडल में सर्वाधिक हैं। इन समपार फाटकों के कारण यातायात की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए रोड ओवर ब्रिज (ROB) एवं रोड अंडर ब्रिज (RUB) निर्माण की मांगों पर भी प्राथमिकता के साथ कार्य किया जा रहा है।

श्री मिश्रा ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंडल में रेल सेवाओं एवं यात्री सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चयनित 23 स्टेशनों में से 6 स्टेशनों का आधुनिकीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अगले दो से तीन माह के भीतर अन्य 6 स्टेशनों का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। स्टेशनों पर आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे, कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, प्लेटफॉर्म डिस्प्ले बोर्ड, लिफ्ट एवं एस्केलेटर जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं अन्य यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

उन्होंने बताया कि समस्तीपुर–दरभंगा रेलखंड का दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पूर्णिया कोर्ट एवं नरकटियागंज स्टेशनों पर ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) स्थापित कर यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बेतिया स्टेशन पर मंडल का सबसे चौड़ा 12 मीटर फुट ओवर ब्रिज यात्रियों को समर्पित किया गया है तथा इसी प्रकार के फुट ओवर ब्रिज अन्य स्टेशनों पर भी विकसित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त दरभंगा स्टेशन पर लिफ्ट एवं एस्केलेटर स्थापना का कार्य प्रगति पर है, जबकि बगहा एवं नरकटियागंज स्टेशनों का आधुनिक स्टेशन के रूप में व्यापक पुनर्विकास किया जाएगा।

उन्होंने डीआरयूसीसी सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सभी सुझावों एवं मांगों की सराहना करते हुए कहा कि जनहित एवं यात्री सुविधाओं से जुड़े प्रत्येक सुझाव पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा तथा जो भी प्रस्ताव रेलवे के नियमों एवं व्यवहारिकता के अनुरूप होंगे, उन पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सदस्यों से भविष्य में भी इसी प्रकार रचनात्मक सुझाव देते रहने का आह्वान किया।

उन्होंने सदस्यों से प्राप्त प्रत्येक सुझाव एवं मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान डीआरयूसीसी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न जनसमस्याओं, यात्री सुविधाओं तथा रेलवे के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें प्रस्तुत कीं। इनमें प्रमुख रूप से विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार, समय-सारणी से संबंधित विषय, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, प्रतीक्षालय, शौचालय, स्टेशन विकास, यात्री सुरक्षा, नई सुविधाओं के सृजन तथा अन्य जनहित से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।

बैठक के दौरान रेलखंड के मध्यवर्ती स्टेशनों पर मॉड्यूलर शौचालय की व्यवस्था, यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास तथा स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े अन्य विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों एवं मांगों पर संबंधित शाखा अधिकारियों ने तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई तथा आवश्यकतानुसार कार्यवाही की रूपरेखा प्रस्तुत की।

मंडल रेल प्रबंधक ने सभी सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित एवं यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर रेलवे बोर्ड एवं लागू नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई। अंत में अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री सन्नी सिन्हा ने सभी डीआरयूसीसी सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सदस्यों के रचनात्मक सुझाव समस्तीपुर मंडल में यात्री सुविधाओं के निरंतर विकास एवं सेवा गुणवत्ता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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