रोसरा (रोहुआ):
राष्ट्रीय जनता दल के विधान पार्षद मोo कारी सोहेब ने मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने की दर्दनाक घटना में हुई मौत पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटना ने एनडीए सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल कर रख दी है। इस तरह की घटना बिहार सरकार की घोर लापरवाही और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का उदाहरण है। बिहार सरकार की विफलता है।
विधान पार्षद ने कहा कि अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा के मानकों का सही ढंग से पालन किया गया होता, तो इस तरह की घटना नहीं घटती। राज्य सरकार के संरक्षण में राज्यभर में बिना किसी नियम-कानून का कुकरमुत्तों की तरह निजी अस्पताल चल रहा है। सरकार का निजी अस्पतालों पर कोई नियंत्रण नहीं है। सरकारी अस्पताल में लचर व्यवस्था के कारण मरीज निजी अस्पताल में इलाज कराने जाते हैं, जहाँ मरीजों को आर्थिक रूप से लूटा जाता है। निजी अस्पतालों के लचर व्यवस्था के कारण मरीजों को जान तक गमानी पड़ती है।
राजद विधान पार्षद ने बिहार सरकार से मांग की है।
- घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
- दोषी अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई हो।
- मृतकों के परिजनों को कम से कम ₹25 लाख का मुआवजा दी जाय।
- आग में झुलसे घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे।






















































