समस्तीपुर :ताजपुर
“सस्ता रोए बार-बार महंगा रोए एक बार” वाली कहावत विधुत विभाग में चरितार्थ नहीं हुआ. निजीकरण के बाद सबसे महंगा बिजली बिहार में होने के बाबजूद इस भीषण गर्मी में अनियमित बिजली आपूर्ति से लोग परेशान हैं. कहीं पंखे, कुलर चलने के इंतजार में लोग रतजगा कर रहे हैं तो कहीं पीने की पानी के लिए हाहाकार मचा है. उपर से कम आपूर्ति तो है लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारी, मिस्त्री की कमी एवं लापरवाही इस समस्या को और भी भयावह बना दिया है. ये बातें चर्चित बिजली आंदोलनकारी सह भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बुधवार को बिजली संकट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा.
उन्होंने कह कि उपर से बिजली रहने के बाबजूद भी स्थानीय स्तर पर बिजली गायब रहती है. औभरलोड के कारण फेज गलना, तार टूटना, जंपर गलना, हैंडिल- स्वीच आदि की गड़बड़ी आम बात है. लेकिन शिकायत करने के बाबजूद जेई, मिस्त्री की मनमानी एवं लापरवाही भी एक बड़ी समस्या है. काल सेंटर का फोन नहीं उठाना, जेई एवं मिस्त्री को शिकायत करने तत्काल गड़बड़ी ठीक करने के बजाय, “ठीक है”, “देख लेते हैं”, “आते हैं”, “भेजते हैं”,”मानव बल का आभाव है, थोड़ा देर लगेगा”,जैसे जुमले सुना दिया जाता है. परिणामस्वरूप एक घर में लाईन है तो पड़ोसी के यहाँ गायब, सड़क के इस पार लाईन है तो उस पार गायब. यदि लाईन है भी तो वोल्टेज नहीं.
दूर स्थित चापाकल से पानी ले जाते हुए मोतीपुर निवासी विनोद कुमार से पूछने पर कम वोल्टेज के कारण नलजल का मोटर नहीं चलना बताया गया.
फतेहपुर के वार्ड-3 एवं वार्ड-4 के पछिआरी डीह पर लगातार फेज गलने, तार टूटने का बहाना बनाकर लगातार विधुत बाधित रहने की बात सुलेखा कुमारी बताती है. एक जगह तो पैसे कमाने के लिए स्थानीय मिस्त्री द्वारा चुपके से बिजली बाधित करने की जानकारी तक मिली है. इसी प्रकार की शिकायतें अन्य कई जगहों से भी मिलना बताया गया है. नाम सार्वजनिक नहीं करने के शर्त पर एक मिस्त्री ने स्टोर में ट्रांसफार्मर का बुश, एवी स्वीच आदि का उपलब्ध नहीं होना बताया.
भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने लोगों की शिकायत पर कुछ जगहों पर तहकीकात के बाद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उक्त आशय की जानकारी देते हुए कहा है कि वरीय विधुत अधिकारी से मिलकर उक्त शिकायत दर्ज कराकर तमाम गड़बड़ी को दुरूस्त कर 24 घंटे अनवरत बिजली आपूर्ति करने की मांग अन्यथा ताजपुरवासी को संगठित कर आंदोलन शुरू किया जाएगा.





















































