अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम है। हर रोज जाम से जूझना यहां के लोगों की दिनचर्या बन गई है। प्रति वर्ष आबादी एवं गाड़ियों की संख्या तो बढ़ रही हैं, लेकिन, जिस हिसाब से शहर का विकास होना चाहिए, उतना नहीं हुआ है। ट्रैफिक जाम से केवल कार में बैठे यात्री ही परेशान नहीं होते, बल्कि बाइक और साइकिल सवारों को भी परेशान होना पड़ रहा है। गुरुवार को भी शहर में ऐसी ही स्थिति बनी रही। मोहनपुर से ओवरब्रिज चौराहा और मुक्तापुर गुमटी तक पूरी तरह जाम लगा रहा। पैदल चलने में भी परेशानी हुई। हर रोज लग रहे जाम से मुक्ति के लिए लोग खुलकर अपना सुझाव दे रहे हैं।सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने, सड़कों पर गोलंबर बनाए जाने, डिवाइडर लगाए जाने, वनवे ट्रैफिक सिस्टम को सख्ती से लागू करने एवं प्रमुख जगहों पर पार्किंग की मांग उठ रही है। लेकिन, इसके लिए पुलिस, प्रशासन एवं नगर निगम को संयुक्त रूप से कारगर अभियान चलाने की जरूरत है। इसके बाद ही ट्रैफिक जाम से छुटकारा संभव हो सकेगा।
बेहतरीन ढ़ंग से परिचालन व नो पार्किंग में गाड़ियों के लगने से लग रहा जाम।युवा राकेश कुमार का कहना है कि समस्तीपुर शहर में सड़क जाम का मुख्य कारण सड़कों पर बेतरतीब ढंग से मोटरसाइकिल व ऑटो सहित अन्य गाड़ियों का लगाना है। ऑटो व ई-रिक्शा का परिचालन सही तरीके से नहीं हो रहा है। कहीं से भी वे टर्निंग ले लेते हैं। इसके कारण बहुत सारे वाहन रूक जाते हैं। फिर धीरे-धीरे जाम लग जाता है। जाम के कारण स्कूल बसें भी समय से बच्चों को स्कूल से घर नहीं पहुंचा पाती है। यह आम लोगों की बहुत बड़ी समस्या है। यहां तक कि एंबुलेंस को भी रूकना पड़ता है।
शहर में पार्किंग व्यवस्था जरूरी तभी मिलेगी जाम से मुक्ति
दिलीप झा कहते हैं कि शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सभी प्रमुख सड़कों पर डिवाइडर लगाया जाना जरूरी है। इसके बाद वनवे सिस्टम को सख्ती से लागू करना जरूरी है। जिससे बाजारों में खरीदारी करने निकले लोग अपनी गाड़ियों की पार्किंग उचित स्थान पर कर सकें। सुधार के लिए कई बार प्रयास हुआ। लेकिन, कोई भी नियम अधिक दिनों तक नहीं चल सका। इसके लिए ठोस पहल की जरूरत है। लगातार अतिक्रमण अभियान चलता है। फिर अतिक्रमणकारी काबिज हो जाते हैं। इस कारण जाम लगता है।
सभी चौराहों पर बने गोलंबर, सड़कों पर लगे डिवाइडर
रंजन सिन्हा कहते हैं कि यातायात में सुधार के लिए शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर गोलंबर का निर्माण जरूरी है। इसके अलावा डिवाइडर भी बनाया जाना चाहिए। नगर निगम को इस ओर पहल करने की जरूरत है। आज तक इन बिंदुओं पर सही से काम नहीं हुआ है। जाम के अलावा ताजपुर रोड में सड़क किनारे कचरे का अंबार व नाली का पानी बहने से भी काफी समस्या हो रही है।
डिवाइडर लगाने के साथ सड़कों का हो चौड़ीकरण विद्याकर झा का कहना है कि शहर में उचित तरीके से ट्रैफिक का संचालन व निगरानी नहीं होने के कारण जाम की समस्या आए दिन देखने को मिलती है। गाड़ियों की अवैध पार्किंग भी जाम का अहम कारण है। अगर सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य हो जाए तो बहुत हद तक राहत मिलेगी। फुटकर दुकानदारों के लिए चिह्नित स्थान पर ही दुकान लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। मुख्य जगहों पर लगे कैमरे से निगरानी भी होनी चाहिए। इधर मथुरापुर घाट के लोगों का कहना है कि यहां पर जाम लगने का एक बहुत बड़ा कारण है अतिक्रमण बीच पुल पर दोनों साइड से दुकान लगाई जाती है इतना ही नहीं इस चौक पर सैकड़ों फल सब्जी के दुकाने सड़क पर ही लगा हुआ है और ऑटो रिक्शा वाले, ई रिक्शा वाला बीच सड़क पर ही अपने अपनी गाड़ी खड़े करते हैं और पैसेंजर लेते हैं जबकि स्टैंड का जगह भी बना हुआ है लेकिन स्टैंड में गाड़ी नहीं लगा कर सड़क पर गाड़ी लगाया जा रहा है चौक चौराहे पर गाड़ी सैकड़ों की संख्या में खरी रहती है और यहां के पुलिस मूकदर्शक बने देखते रहते हैं


























































