संजय भारती
समस्तीपुर। सहारा इंडिया परिवार के अभिकर्ता पीड़ितों ने अपना दुख व्यक्त करते हुए बताया कि हम सब सहारा कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन की समस्त जमापूंजी सहारा में ही जमा कर दी और साथ ही साथ लाखों करोड़ों रुपए अपने मिलने बाले जानने बाले और यहां तक कि अपने सगे संबंधियों के भी सहारा में जमा करवा दिए। मगर सहारा कंपनी के प्रबंधक और सहारा के जिम्मेदार अधिकारियों ने हम सभी लोगों को बर्बाद कर दिया, हमारा जमा धन तो चला गया साथ ही साथ वर्षों से समाज में बना हुआ मान सम्मान भी चला गया। आये दिन लोगों के ताने सुन सुन कर अंदर से दिनों दिन टूटता ही चला जा रहा हूं, मगर अभी तक सम्पूर्ण भुगतान मिलने की कोई ठोस रणनीति न तो कंपनी की तरफ से बनाई गई है और न ही सरकार की तरफ से, सरकार ने एक पोर्टल बनाकर हम लोगों को तीन सालों से सिर्फ बेवकूफ बनाया है, दस बीस पचास हजार रुपए का झुनझुना थमा दिया है मात्र एक दो प्रतिशत लोगों का ही अभी तक कुछ भुगतान मिल पाया है। अतः हम सभी पीड़ित लोगों को चाहिए कि सम्पूर्ण भुगतान के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ समय-समय पर सरकार को आइना दिखाते रहना चाहिए, ताकि सरकार सहारा सेवी का भुगतान के लिए ठोस निर्णय ले सकें।
























































