सनातन धर्म में गुरु की महत्ता” विषय पर एक भव्य व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।

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गुरु-पूर्णिमा के पावन अवसर पर समस्तीपुर जिला शिक्षाविद मंच के तत्वावधान में शहर के ताजपुर रोड स्थित समता सदन के परिसर में ” सनातन धर्म में गुरु की महत्ता” विषय पर एक भव्य व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।
आदर्श मिथिला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षाविद डाॅ परमानन्द लाभ की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन समवेत रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया; जबकि स्वागताध्यक्ष जिला लोक स्वातंत्र्य संगठन केमहासचिव अशोक कुमार वर्मा ने अंग-वस्त्र,माला-पाग देकर आगत अतिथियों का स्वागत किया। इस बीच प्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ परमानन्द लाभ की नवीनतम कृति “महर्षि मेंहीं की समन्वय दृष्टि : वैशिष्ट्य निरुपण” और ” संतमत में गुरु-गरिमा” का लोकार्पण हुआ।
अपने अध्यक्षीय भाषण में डाॅ लाभ ने कहा कि सनातन धर्म एक शाश्वत धर्म है। सद्गुरु के चरण-शरण में जाकर हीं स्वयं को जाना जा सकताहै और जो अपने को जान लेता है ,वह परमात्मा को पा लेता है।
मुख्य अतिथि प्रो हरिनारायण सिंह हरि ने व्यास – जयंती की सार्थकता पर सारगर्भित व्याख्यान देते हुए कहा कि संसार में गुरु से बड़ा कोई नहीं है।
विशिष्ट वक्ता महामहिम राज्यपाल के पूर्व सलाहकार डाॅ मायानन्द राय ने अपने सम्बोधन में बताया कि गुरु ज्ञान का नाम है, जिसे पाकर शिष्य इहलोक और परलोक दोनों जीवन धन्य कर लेते हैं।
विषय- सार प्रस्तुत करते हुए प्रसिद्ध इतिहासकार और डाॅ शालिग्राम मिश्र काॅलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ केशव कुमार सिंह ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में गुरु-परम्परा से लोगों को अवगत कराया।
संचालन शिक्षकश्रेष्ठ विनयकृष्ण तथा धन्यवाद ज्ञापन विधिवेत्ता समदर्शी राजगृहार ने किया।
मौके पर सुस्वादु प्रसाद की व्यवस्था की गई थी, जिसकी भूरि-भूरि सराहना की गई ।
अन्य वक्ताओं में आचार्य परमानन्द प्रभाकर, बैंक अधिकारी कवि नरेंद्र कुमार सिंह, सदर अस्पताल के चिकित्सक डाॅ गौरव, अध्यापक शंकर प्रसाद, वीरेंद्र कुमार सिंह , रामसजीवन पाण्डेय, षराजकुमार चौधरी, डाॅ जीतेन्द्र कुमार सिंह, गायक डाॅ रामसूरत प्रियदर्शी, रसायन वैज्ञानिक डाॅ रवींद्र चन्द्र वर्मा , अधिवक्ता रमेश कुमार वर्मा, अधिवक्ता धीरेन्द्र कुमार कर्ण, समाजसेवी उदयशंकर सिंह व चन्द्रभूषण तिवारी आदि प्रमुख थे।

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