अमरदीप नारायण प्रसाद
विभूतिपुर पूरब निवासी ग्लोबल एन्वाइरन्मेंट क्लाइमेट चेंज लीडर बिहार का ट्रीबॉय से मशहूर कन्हैया ने अपने आस–पास के क्षेत्रों में आम के गुठली वाले पौधे को सहेजकर पौधे को कर रहे हैं तैयार. ट्रीबॉय कन्हैया ने बताया कि गर्मी के मौसम में आम खाने के बाद हम अक्सर गुठली को फेंक देते हैं और एक से दो महीने बाद उसका पौधा आने लग जाता है. गुठली वाला पौधा जब दो फीट का हो जाता है तो उसे कलम बनाना चाहिए या नहीं तो यहां से दूसरी जगह ट्रांसप्लांट करना चाहिए. इससे जल्दी फ्रूट भी मिलेगी और हमारा पौधा भी सुरक्षित होगा साथ ही साथ हमारा पर्यावरण भी संरक्षित होगा.





















































