समस्तीपुर, 02 जुलाई।
जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आज सिंघिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, लादा में “मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक, मूल्य संवर्धन एवं विपणन के संबंध में प्रशिक्षित कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार मखाना उत्पादन के क्षेत्र में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। समस्तीपुर जिले में भी मखाना उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं, जिन्हें वैज्ञानिक तकनीक एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से और अधिक विकसित किया जा सकता है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक एवं मूल्य आधारित कृषि को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।
उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना भी आवश्यक है। इसके लिए कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराते रहें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा मखाना की वैज्ञानिक खेती, तालाब प्रबंधन, गुणवत्तायुक्त बीज का चयन, पौध संरक्षण, रोग एवं कीट प्रबंधन, कटाई, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा विपणन की आधुनिक तकनीकों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मखाना उत्पादक किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं विपणन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मखाना आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में किसानों ने प्रशिक्षण के दौरान मखाना प्रसंस्करण की आधुनिक विधियों का अवलोकन किया तथा विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर जानकारी प्राप्त की। किसानों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे आयोजन किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री सूर्य प्रताप सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र, लादा के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, प्रगतिशील किसान तथा बड़ी संख्या में मखाना उत्पादक किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में किसानों से वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन करने तथा प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।
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