राजद के राष्ट्रीय महासचिव सह पूर्व मंत्री श्याम रजक का मानना है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अड़ियल रवैये के कारण अकारण सुनील सिंह की विधान परिषद की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। उन्होंने इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में व्यस्त रहने के बाद भी सुनील सिंह ने आचार समिति के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। लेकिन, उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। सदन में जब इस मामले पर चर्चा हो रही थी तब भी सुनील सिंह को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। जबकि, लोकतंत्र में सबको पक्ष रखने का मौका मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि सत्ता के जोर पर और एक व्यक्ति के जिद को पूरा करने के लिए सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया अपनाई गई, जो कहीं से उचित नहीं है। सत्ता का अहंकार जनता कभी स्वीकार नहीं करती है। नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में कई बार अशोभनीय बातें कहीं है तो उनके खिलाफ आचार समिति कार्रवाई क्यों नहीं करती। क्या वह इस दायरे से बाहर हैं? राजद एमएलसी सुनील सिंह की सदस्यता खत्म करना बिहार के सत्ता नायक के अहंकार और अलोकतांत्रिक आचरण का प्रतीक है। इतिहास कभी नीतीश सरकार को माफ नही करेगी l
























































