समस्तीपुर में विधानसभा चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न कराने हेतु सशस्त्र बल के ठहराव हेतु जिले की विभिन्न महाविद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय को चयनित किया गया है। जिसके कारण से विभिन्न प्रखंड शिक्षा पदाधिकारीयो के द्वारा डीएसपी सदर एवं अन्य के पत्रांक और दिनाक को उद्धृत करते हुए 03 अक्टूबर 2025 से उपरोक्त स्तर के विद्यालयों में पठन – पाठन,कक्षा 9 वी और 11 वी पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और 10 वी और 12 वी का परीक्षा फॉर्म भरने के कार्य को टैग विद्यालय (उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक विद्यालय को निकटवर्ती मध्य विद्यालय और मध्य विद्यालय को निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय) में हस्तांतरित कर दिया गया है । प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी के पत्र के निकले 6 दिन बीत जाने के बाद भी उक्त विद्यालय में अभी तक सशस्त्र बल का आगमन नही हुआ है।विद्यालय को सशस्त्र बल के आगमन के कई दिन पहले हस्तांतरित हो जाने से विद्यालय में अध्ययनरत छात्र – छात्रों का पठन – पाठन बाधित हो गया है जिससे सरकार की गुणवततपूर्ण शिक्षा पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।कक्षा 9 वी और 11 वी पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और 10 वी और 12 वी का परीक्षा फॉर्म भरने हेतु भी विद्यार्थियों को अपने विद्यालय से हस्तांतरित विद्यालय में दौड़ भाग करना पड़ रहा है। छात्र – छात्रों के शिक्षा का अधिकार, बाल अधिकार, भोजन का अधिकार, समता का अधिकार और खेल का अधिकार बाधित हो रहा है। साथ ही साथ उनके समता और न्याय जैसी संवैधानिक मूल्यों पर भी कुठाराघात किया जा रहा है। कई विद्यालयों में सशस्त्र बल को रहने के लिए दिए कक्षा से अधिक कक्षा बचे पड़े है जहां की वर्ग संचालन,पंजीकरण और परीक्षा फॉर्म का कार्य किया जा सकता था या निजी महाविद्यालय में सशस्त्र बल को ठहराया जा सकता था। जिस पर शिक्षा विभाग के पाधिकारियो एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों की नजर नहीं गई या आसामाजिक तत्वों पर नकेल कसकर निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जवाबदेह सशस्त्र बलों को विद्यालय में अध्ययनरत छात्र – छात्राओं से ही असुरक्षा का भय था? यह समझ से पड़े है।
























































